कभी तो आकर देखिये हमको करीब से
करना है तो कीजिये मोहब्बत गरीब से
अजी आप मिल गए हैं जो अब हाँ हमें
शिकायत नहीं है हमको कोई नसीब से
हमको आजमाने से ना घबराइए सनम
छु लीजिये हो जायेंगे हम खुशनसीब से
आपके आने से रौशन हो गए सितारे
आप से पहले हम तो थे बदनसीब से
इस जहा ने
भरोसा हमारा तोड़ दिया
शायद तभी से हो गए हम अजीब से
आपने होठो से अपने जो पिलाया जाम
अब आब-ए-ज़हर लगने लगे लज़ीज़ से
जबसे हमने शहर-ओ-सुखन में कदम रखा
हर किसी को लगने लगे हम अज़ीज़ से
मुझको मेरी माँ की दुआओं ने बचाया
शुभम को जिंदगी मिली है तहजीब से ||
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