Tuesday, 12 April 2016

भरोसा मत करो........





लड़के ने कहा-
लड़की ने चुपचाप सहा

ओये छम्मक छल्लो
जरा हमारे साथ भी चलो

फिर वो बेचारी चिल्लायी......
छोड़ो मेरा हाथ
मुझे नहीं जाना तुम्हारे साथ
कौन हो तुम???कौन हो  
अगर नहीं छोड़ोगे करना मेरा पीछा
तो मैं चिल्लाउंगी
चिल्ला चिल्ला कर सब को यहाँ बुलाऊंगी

लड़का हंसा और कहा
हा हा हा!!!
क्या कहा?? चिल्लाओगी
लोगो को यहाँ बुलाओगी
हा हा हा!!!!
कोई नहीं आयेगा
जो आएगा, वो भी तमाशा देख चला जाएगा
इस दुनिया को कोई फर्क नहीं पड़ता
तेरी अस्मत लुटती है तो लुट जाए
किसी की बेटी मरती है तो मर जाए ||


तू चाहे जितना चिल्ला ले
चाहे जिसको आवाज़ लगा ले
क्या??तू पुलिस बुलाएगी
हा हा हा!!! पगली पुलिस तो तेरी इज्जत लुटने के बाद ही आएगी |

मेरा मकसद तुझे डराना नहीं था
तुझे नुकसान पहुंचाना  नहीं था
कोशिश थी तुझे जगाने की
तेरे आँखों पर बंधी काली पट्टी हटाने की

मेरी अपनी प्यारी बहन थी
परियों जैसी सुन्दर
मानो ओस की चुम्बन थी
यूँही लौट रही थी घर कॉलेज से
अक्लमंद थी फुल आफ नॉलेज से
गलती शायद उसी की थी
जो हम पर यकीं कर बैठी
सोचती थी भाई, बाप, दोस्त , ये समाज
ये व्यवस्था उसे हर मुश्किल से बचाएगी
बेचारी नादां थी
उसे क्या पता था
ये सारी व्यवस्था उसके मरने के बाद जाग पाएगी



मैं समझाने आया हूँ 
तुम सबको ये बताने आया हूँ
ऐ मेरे देश की बेटियों
मत भरोसा करो किसी पर
अपने लिए खुद लड़ो
चाहे फिर लड़ते लड़ते ही मरो
पर इस दुनिया पर कभी भरोसा मत करो ||
भरोसा मत करो!!!!!




शुभम मिश्र अज़ीम 

No comments:

Post a Comment